अर्जुन दो साल तक Swiggy के लिए राइड करता रहा, हफ्ते में छह दिन, बिना नागा। फिर एक बरसाती मंगलवार को स्कूटर एक्सीडेंट में उसकी कलाई टूट गई और ₹38,000 का अस्पताल का बिल आया। न कोई ESI कार्ड। न कोई एम्प्लॉयर ग्रुप कवर। न ठीक होने के दौरान कोई पेड लीव। उसे लगता था कि ऐप पर “पार्टनर” होने का मतलब है कि कोई न कोई सुरक्षा कवच ज़रूर होगा। नहीं था — कम से कम ऐसा कोई नहीं जो वो असल में क्लेम कर पाता।

यही हकीकत है भारत के ज़्यादातर गिग वर्कर्स की, अभी के समय में। इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि असल में सुरक्षा कहां है, और कहां नहीं — ज़रूरत पड़ने से पहले।

गिग वर्कर्स सामान्य कवरेज से बाहर क्यों रहते हैं?

डिलीवरी राइडर्स, कैब ड्राइवर, और दूसरे प्लेटफॉर्म वर्कर्स कानूनी तौर पर इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर माने जाते हैं, एम्प्लॉयी नहीं। यही एक फर्क है जिसकी वजह से स्टैंडर्ड एम्प्लॉयर प्रोटेक्शन — ESI, एम्प्लॉयर की तरफ से ग्रुप हेल्थ कवर, पेड सिक लीव — अपने आप लागू नहीं होते, चाहे आप हफ्ते में कितने भी घंटे ऐप पर लॉग-इन क्यों न रहें।

असल में क्या बदल रहा है: Code on Social Security, 2020

यह जानना सच में ज़रूरी है। Code on Social Security, 2020 21 नवंबर 2025 से लागू हो गया है, और पहली बार भारत में “गिग वर्कर” और “प्लेटफॉर्म वर्कर” को कानूनी तौर पर एक अलग श्रेणी माना गया है — सिर्फ अनौपचारिक मज़दूर नहीं।

यह क्या मांगता है: एग्रीगेटर्स (Swiggy, Zomato, Uber, Ola, Urban Company, और कोड की सातवीं अनुसूची में लिस्टेड अन्य) को अपने सालाना टर्नओवर का 1–2% (वर्कर्स को दिए जाने वाले भुगतान के 5% की सीमा तक) एक तय सोशल सिक्योरिटी फंड में देना होगा। यह फंड आगे चलकर हेल्थ, एक्सीडेंट, मैटरनिटी, लाइफ, और बुढ़ापे से जुड़े फायदे कवर करने के लिए है।

अभी कहां तक पहुंचा है: फिलहाल, असली रोलआउट — कंट्रीब्यूशन रेट, क्लेम कैसे होगा, कौन-सी स्कीम लाइव है — यह अभी सरकार द्वारा नोटिफाई किया जाना बाकी है। सीधी भाषा में: कानूनी ढांचा बन चुका है, लेकिन आज की तारीख में ज़्यादातर राइडर्स असल में जो हेल्थ कवर क्लेम कर सकते हैं, वो अभी भी सीमित है। सिर्फ इसलिए मत मान लीजिए कि आप अपने आप कवर हो गए क्योंकि कानून ने अब आपको मान्यता दे दी है।

अभी आप क्या कर सकते हैं

गिग वर्कर

1. e-Shram पर रजिस्टर करें। यह असंगठित और गिग वर्कर्स का राष्ट्रीय डेटाबेस है, और ज़्यादातर मौजूदा और आने वाली सरकारी कल्याण योजनाओं तक पहुंचने का यही रास्ता है। अगर आप रजिस्टर नहीं हैं, तो आप उस सिस्टम में नहीं हैं जो आपकी सुरक्षा के लिए बना है। रजिस्ट्रेशन मुफ्त है, और कई एग्रीगेटर्स (जैसे Zomato और Blinkit) वर्कर्स को सीधे रजिस्टर करते हैं।

2. अपने प्लेटफॉर्म का ऑफर चेक करें — मान मत लें, वेरिफाई करें। मैंडेटरी रोलआउट से पहले ही कुछ प्लेटफॉर्म्स के पास वालंटरी स्कीम हैं — जैसे Swiggy डिलीवरी पार्टनर्स को एक्सीडेंट, डिसएबिलिटी, और हॉस्पिटलाइज़ेशन इंश्योरेंस देता है, जिसका प्रीमियम कंपनी खुद भरती है। Ola का भी एक ड्राइवर वेलफेयर फंड है। ये मौजूद हैं, लेकिन एलिजिबिलिटी नियम, क्लेम लिमिट, और क्या कवर होता है — यह हर प्लेटफॉर्म पर अलग है। अपने ऐप के पार्टनर बेनिफिट्स सेक्शन को चेक करें, यह मान कर मत बैठें कि “राइडर्स को इंश्योरेंस मिलता है” का मतलब आप पर भी अपने आप लागू है।

3. अपना राज्य चेक करें। राजस्थान, कर्नाटक, और तमिलनाडु केंद्र सरकार से आगे निकल चुके हैं और पहले से ही एक्टिव गिग वर्कर वेलफेयर बोर्ड चला रहे हैं, जो रजिस्ट्रेशन से जुड़े फायदे जैसे हेल्थ इंश्योरेंस और पेंशन देते हैं। अगर आप इनमें से किसी राज्य में हैं, तो केंद्रीय ढांचे से अलग इसे भी ज़रूर देखें।

4. अपना खुद का हेल्थ और एक्सीडेंट कवर खरीदें — सिस्टम के पूरा होने का इंतज़ार न करें। चूंकि आधिकारिक ढांचा अभी भी काफी हद तक लागू होना बाकी है, इसलिए अभी सबसे भरोसेमंद सुरक्षा एक पर्सनल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी और पर्सनल एक्सीडेंट कवर ही है, जो आपकी क्षमता के हिसाब से हो। एक छोटा-सा इंडिविजुअल हेल्थ प्लान भी हॉस्पिटलाइज़ेशन के उन खर्चों को कवर करता है जो वरना पूरी तरह जेब से जाते — जैसा अर्जुन के साथ हुआ।

5. अपने Ayushman Card का स्टेटस खासतौर पर चेक करें — यह अब गिग वर्कर्स के लिए ही बनाया गया है। Union Budget 2025-26 में Ayushman Bharat PM-JAY को खासतौर पर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को कवर करने के लिए बढ़ाया गया है — सिर्फ उन परिवारों के लिए नहीं जो सामान्य गरीबी-रेखा क्राइटेरिया में आते हैं, बल्कि गिग वर्कर्स को अपनी एक अलग मान्यता प्राप्त श्रेणी के तौर पर। फायदा: ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति साल, पूरी तरह कैशलेस, जिसे पाने के लिए बस किसी भी एम्पैनल्ड अस्पताल में अपना Ayushman Card दिखाना होता है — कोई रीइम्बर्समेंट फॉर्म नहीं, पैसे वापस आने का इंतज़ार नहीं। रजिस्ट्रेशन उसी e-Shram पोर्टल से होता है जिसका ज़िक्र पॉइंट 1 में हुआ, तो वहां रजिस्टर करना अब दोहरा काम करता है — यह इस स्कीम और आने वाले Code on Social Security फायदों, दोनों तक पहुंचने का रास्ता है। चूंकि रोलआउट डिटेल्स चरणों में फाइनल हो रही हैं, अपनी मौजूदा एनरोलमेंट स्टेटस सीधे e-Shram पोर्टल या PM-JAY की आधिकारिक साइट पर चेक करें, यह मान कर मत बैठें कि यह अपने आप हो जाएगा।

सबसे ज़रूरी बात

कानून आखिरकार यह मान चुका है कि गिग वर्कर्स असल में मौजूद हैं — यह सच में एक बड़ी प्रगति है। लेकिन कागज़ पर मान्यता और हाथ में क्लेम करने लायक फायदा — अभी दोनों अलग-अलग चीज़ें हैं। e-Shram पर रजिस्टर करें, अपने प्लेटफॉर्म का असली ऑफर चेक करें, और सिर्फ इसलिए पर्सनल हेल्थ इंश्योरेंस को टालें मत क्योंकि आप मैंडेटरी सिस्टम के पूरी तरह शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं।

FAQ

प्रश्न 1: क्या डिलीवरी राइडर होने के नाते मुझे अपने आप ESI मिल जाता है?

उत्तर : नहीं। गिग वर्कर्स को इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर माना जाता है, एम्प्लॉयी नहीं, इसलिए स्टैंडर्ड ESI कवरेज अपने आप लागू नहीं होता।

प्रश्न 2: Code on Social Security, 2020 क्या है, और क्या यह अभी मुझे कवर करता है?

उत्तर : यह वो कानून है जो गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता देता है और एग्रीगेटर्स को एक वेलफेयर स्कीम फंड करने के लिए कहता है। यह लागू हो चुका है, लेकिन असली स्कीम और क्लेम का तरीका अभी रोलआउट हो रहा है — इसे “आने वाला” मानें, “पूरी तरह उपलब्ध” नहीं।

प्रश्न 3: क्या e-Shram पर रजिस्टर करने का कोई खर्च है?

उत्तर : नहीं, रजिस्ट्रेशन मुफ्त है और मौजूदा व आने वाले गिग वर्कर वेलफेयर बेनिफिट्स पाने का पहला ज़रूरी कदम है।

प्रश्न 4: क्या मेरा डिलीवरी प्लेटफॉर्म पहले से ही एक्सीडेंट या हॉस्पिटलाइज़ेशन इंश्योरेंस देता है?

उत्तर : कुछ देते हैं, वालंटरी तौर पर (जैसे Swiggy और Ola), लेकिन कवरेज और एलिजिबिलिटी हर प्लेटफॉर्म पर अलग होती है — मान लेने की बजाय अपने ऐप का पार्टनर बेनिफिट्स सेक्शन चेक करें।

प्रश्न 5: Ayushman Card क्या है, और क्या गिग वर्कर्स को यह अपने आप मिल जाता है?

Union Budget 2025-26 में Ayushman Bharat PM-JAY को खासतौर पर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को कवर करने के लिए बढ़ाया गया है — सिर्फ उन परिवारों के लिए नहीं जो सामान्य गरीबी-रेखा क्राइटेरिया में आते हैं, बल्कि गिग वर्कर्स को अपनी एक अलग मान्यता प्राप्त श्रेणी के तौर पर। फायदा: ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति साल, पूरी तरह कैशलेस, जिसे पाने के लिए बस किसी भी एम्पैनल्ड अस्पताल में अपना Ayushman Card दिखाना होता है — कोई रीइम्बर्समेंट फॉर्म नहीं, पैसे वापस आने का इंतज़ार नहीं। रजिस्ट्रेशन उसी e-Shram पोर्टल से होता है जिसका ज़िक्र पॉइंट 1 में हुआ, तो वहां रजिस्टर करना अब दोहरा काम करता है — यह इस स्कीम और आने वाले Code on Social Security फायदों, दोनों तक पहुंचने का रास्ता है। चूंकि रोलआउट डिटेल्स चरणों में फाइनल हो रही हैं, अपनी मौजूदा एनरोलमेंट स्टेटस सीधे e-Shram पोर्टल या PM-JAY की आधिकारिक साइट पर चेक करें, यह मान कर मत बैठें कि यह अपने आप हो जाएगा।


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— धनमैत्री डेस्क
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